नामांक की गणना अंग्रेजी के अक्षरों को दिये गये अंकों के आधार पर ही की जाती रही है। आज भी अंकशास्त्री नामांक की गणना इसी प्राचीन तरीके से करते हैं।
अपना नामांक जानने के लिये सर्वप्रथम आप अपना नाम अंग्रेजी (English )में लिखें।जैसे यदि किसी व्यक्ति का नाम दिव्या दत्त है तो इस नाम को अंग्रेजी में DIVYA DUTTA लिखें। इसके पश्चात इन अंग्रेजी के नंबरों को लिखें और जमा करें।
Wednesday, January 4, 2012
Monday, January 2, 2012
नामांक 4
नामांक की गणना अंग्रेजी के अक्षरों को दिये गये अंकों के आधार पर की जाती रही है। नामांक कि गणना के लिए कीरो पद्धति, सेफेरियल पद्धति तथा पाइथागोरस पद्धति का उपयोग किया जाता है, इनमें से किसी ने नौ अंक को स्थान दिया तो किसी ने स्थान नहीं दिया। आज भी लगभग सभी अंकशास्त्री नामांक की गणना इन्हीं प्राचीन तरीकों से करते आ रहे हैं। नामांक जीवन में आवश्यक बदलाव ला सकते हैं और हमारे जीवन को आशावादी दिशा प्रदान कर सकते है।
Sunday, January 1, 2012
नामांक 3
नामांक की गणना अंग्रेजी के अक्षरों को दिये गये अंकों के आधार पर ही की जाती रही है। अंकशास्त्री नामांक की गणना इसी तरीके से करते हैं। नामांक कि गणना के लिए कीरो पद्धति, सेफेरियल पद्धति तथा पाइथागोरस पद्धति का उपयोग किया जाता है। नामांक जीवन में आवश्यक बदलाव ला सकते हैं और हमारे जीवन को आशावादी दिशा प्रदान कर सकते है। इनके द्वारा हमें सफलता की दिशा मिलती है।
नामांक 1
नामांक की गणना अंग्रेजी के अक्षरों को दिये गये अंकों के आधार पर ही की जाती रही है। व्यक्ति के नाम के अक्षरों के कुल योग से बनने वाले अंक को नामांक कहा जाता है। नामांक को
सौभाग्य अंक भी कहते हैं। यह नम्बर परिवर्तनशील हो सकता है। हम ऐसे अनेक लोगों को देख सकते हैं जिन्होंने अपने नाम में बदलाव करके उचित नामांक प्राप्त किया और सफलताओं को प्राप्त किया अत: हम इस नामांक में अनेक बदलाव कर सकते हैं जिस कारण इसे परिवर्तनशील भी कहा गया है।
सौभाग्य अंक भी कहते हैं। यह नम्बर परिवर्तनशील हो सकता है। हम ऐसे अनेक लोगों को देख सकते हैं जिन्होंने अपने नाम में बदलाव करके उचित नामांक प्राप्त किया और सफलताओं को प्राप्त किया अत: हम इस नामांक में अनेक बदलाव कर सकते हैं जिस कारण इसे परिवर्तनशील भी कहा गया है।
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